HomeMotivation in Hindi

Moral stories in Hindi for class 9 (motivational) | Hindi Stories class 9

Moral stories in Hindi for class 9 (motivational) | Hindi Stories class 9

You will read awesome Moral stories in Hindi for class 9 in this post

Moral stories in Hindi for class 9

Moral stories in Hindi for class 9

 नैतिक शीख के लिए सबसे बढ़िया कहानियाँ


शिक्षा का महत्व (Hindi for class 9)


Story 1  (Moral stories in Hindi for class 9)

काफी समय की बात है। एक राजा था। वह एक दिन शिकार करने गया था। बारिश के मौसम के कारण यह पता लगाना बहुत मुश्किल था कि बारिश कब होगी?

अचानक तेज बारिश होने लगी। तेज बारिश के कारण राजा अपने महल जाने के रास्ते से भटक गया और अपने सिपाहियों से अलग हो गया। भूख प्यास और थकावट से राजा तड़प रहा था।

उस राजा को बड़ी दूर तीन बच्चे खेलते हुए नजर आए। तीनों बच्चों एक दूसरे के काफी अच्छे दोस्त नजर आ रहे थे। उन्हें देखकर राजा ने अपने पास बुलाया। बच्चे उस राजा के पास गए।

तब राजा ने पूछा क्या तुम कहीं से मेरे लिए भोजन और जल ला सकते हो? मैं बहुत भूखा हूं और प्यास भी लग रही है।

 तब बच्चोने कहा जी ज़रुर! और तब तुरंत बच्चे गांव की तरफ गए और कहीं से थोड़ा भोजन और जल लेकर आए। राजा ने भोजन और जल ग्रहण किया।

राजा बच्चों के उत्साह और प्रेम से बहुत प्रसन्न हुआ।

राजा ने बच्चों से कहा कि बच्चों तुम जीवन में क्या करना चाहते हो? मैं तुम सब की मदद करना चाहता हूं। बच्चे यह सुनकर सोचने लगे।

 तब पहले बच्चे ने कहा कि मुझे धन चाहिए। मैंने कभी अच्छा खाना नहीं खाया और मैंने अच्छे कपड़े नहीं पहने। मैंने कभी दो वक्त की रोटी नहीं खाई। इसलिए मुझे सिर्फ धन चाहिए जिसे मैं अच्छा खाना और कपड़े ख़रीद सकू।

 राजा ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं तुम्हें इतना धन दूँगा कि जीवन भर सुखी रहोगे। इस बात को सुनकर बच्चे की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।

 राजा ने अब दूसरे बच्चे से पूछा कि तुम्हें क्या चाहिए?

 उस बच्चे ने कहा क्या आप मुझे बड़ा बंगला और घोड़ागाड़ी देंगे?

तब राजा ने कहा क्यों नहीं? मैं तुम्हें आलीशान बंगला और  घोड़ागाड़ी दूँगा।

 अब राजा ने तीसरे बच्चे से पूछा तुम्हें क्या चाहिए?

तीसरे बच्चे ने कहा कि मुझे बहुत सारा धन या बंगला नहीं चाहिए। मुझे सिर्फ ऐसा आशीर्वाद दीजिए कि मैं अच्छे से पढ़ लिख कर बहुत बड़ा विद्वान बन सकू और शिक्षा प्राप्त कर देश की सेवा कर सकू ‌।

Hindi moral stories for class 5

तीसरे बच्चे की बात से राजा बहुत प्रभावित हुआ। राजा ने उसके लिए अच्छी सी अच्छी पढ़ने की व्यवस्था कर दी।

वह बच्चा बहुत मेहनती था। उसने दिन रात मेहनत की और एक विद्वान बन गया। उसी राजा ने समय आने पर उसे मंत्री पद पर नियुक्त किया।

 एक दिन राजा को वर्षों पहली घटना की याद आई। उन्होंने मंत्री से कहा तुम्हारे साथ जो दो बच्चे थे उसका क्या हुआ? मैं एक बार तुम तीनों को एक साथ देखना चाहता हूं। इसलिए तुम दोनों मित्रो को भोजन पर आमंत्रित कर दो। मंत्री ने मित्रों को आमंत्रित किया।

100+ Best Motivational Quotes for students in Hindi

सालो बाद तीनो फिरसे एकसाथ 

अगले दिन सभी एक साथ राजा के सामने प्रस्तुत हुए। राजा ने दोनों को अपने बारे में बताने को कहा।

तब जिस बच्चे ने धन मांगा था वह बहुत दुखी होकर बोला राजा साहेब मैंने आपसे धन मांग कर बहुत बड़ी गलती कर दी। मैं बहुत सारा धन लेकर आलसी हो गया। मैंने बेकार की चीजों में अपना धन व्यर्थ कर दिया। मेरा कुछ धन तो चोरी भी हो गया।

 अब जिस बच्चे ने घोड़ा गाड़ी और बंगला मांगा था उस बच्चे से महाराज ने पूछा तब उसने कहा कि मैं आपसे बंगला और घोड़ा गाड़ी लेने के बाद ठाठ-माठ से अपने बंगले में रहने लगा पर वर्षों पहले आई बाढ़ में मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया‌ और मैं भी पहले की जैसी परिस्थिति में पहुंच गया।

नैतिक सीख:

धन संपदा हमेशा मनुष्य के पास नहीं रहते परंतु शिक्षा रूपी ज्ञान जीवन भर मनुष्य के काम आता है और इसे कोई चोरी भी नहीं कर सकता। इसीलिए सबसे बड़ा धन ज्ञान है।

Moral of this hindi short story:

Moral stories in Hindi for class 9, hindi story with moral for class 9 : Wealth does not always remain with human, but knowledge of education is useful for human beings throughout life and no one can steal it, hence the biggest wealth is knowledge.

Story’s video

आप चाहो तो इस पूरी कहानी का वीडियो भी देख सकते हो।

https://www.youtube.com/watch?v=_qEO_Np8Y1A&list=WL&index=7&t=0s

  गिद्धों का झुंड और टापू     


story 2 (Hindi for class 9)

गिद्धोंका एक झुंड खाने की तलाश में भटक रहा था।  उड़ते उड़ते वह एक समुद्री टापू पर पहुंच गए। वह जगह उनके लिए स्वर्ग के समान थी।

वहा मेढक, मछली और कई सारे समुद्री जीव मौजूद थे और इससे भी बड़ी बात यह थी कि वहा गिद्धों का शिकार करने के लिए कोई जंगली जानवर नहीं था।

इसीलिए वह बहुत आसानी से यहा‌ रह सकते थे। जवान गिद्ध तो कुछ ज्यादा ही उत्साहित थे। उनमें से एक बोला वाह! मजा आ गया। इसलिए मैं यहां से तो कभी नहीं जाऊँगा। यहां तो हमें बैठे-बैठे ही खाने को मिल रहा है।

बाकी गिद्ध भी उसकी बातों में हां में हां मिलाने लगे और वह खुशी से झूमने लगे।

सबके दिन मौज़-मस्ती में बीत रहे थे। पर उस झुंड में सबसे बुढ़ा गिद्ध इससे खुश नहीं था।

एक दिन वह अपनी चिंता जाहिर करते हुए बोला कि भाइयों हम गिद्ध‌ है। हमें अपनी ऊंची उड़ान और अचूक वार की ताकत की वजह से जाना जाता है। पर जब से हम यहां आए हैं हर कोई आराम कर रहा है।

ऊंची उड़ान तो दूर पर ज्यादातर गिद्ध तो कई महीने से उड़े भी नहीं है। हम आसानी से मिलने वाले भोजन की वजह शिकार करना भी भूल रहे हैं। यह हमारे भविष्य के लिए अच्छा नहीं है।

 इसलिए मैंने फैसला किया है कि मैं इस टापू को छोड़कर वापस अपने जंगल में लौट जाऊँगा। जिसको भी मेरे साथ चलना हो वह आ सकता है।

बुढे  गिद्ध की बात सुनकर बाकी गिद्ध उस पर हंसने लगे। किसी ने उसे पागल कहा तो कोई उसे मूर्ख की उपाधि देने लगा। बुढ़ा गिद्ध बिचारा अकेला ही जंगल में वापस लौट गया।

समय बीता कुछ वर्षों के बाद

समय बीता कुछ वर्षों के बाद उस बुढ़े गिद्धने सोचा जाने में अब कितने दिन जीवित रहुं। क्यों ना चलकर अपने पुराने साथियों से मिल लिया जाए।

लंबी यात्रा के बाद जब वह टापू पर पहुंचा तब दृश्य डरावना था। ज्यादातर गिद्ध मारे जा चुके थे और बचे थे वह घायल हो चुके थे।

 तब यह दृश्य देखकर बुढ़े‌ गिद्ध ने पूछा यह कैसे हो गया?

घायल हुआ एक गिद्ध बोला हमें माफ कर दीजिए। हमने आपकी बातों को ध्यान नहीं दिया। बल्कि हमने आप का मजाक उड़ाया।

आपके जाने के कुछ महीनों बाद एक बड़ी सी जहाज इस टापू पर शेरों के एक दल को छोड़ गई। शेरों ने पहले तो हम पर हमला नहीं किया।

 पर जैसे ही उन्हें पता चला कि ना हम सब ऊंचा उड़ सकते हैं और ना पंजों से हमला कर सकते हैं। तो उन्होंने हमें खाना शुरू किया।

अब हमारी आबादी खत्म होने के कगार पर है। बस मेरे जैसे कुछ घायल गिद्ध ही जिंदा बचे हैं।

बुढ़ा गिद्ध सिर्फ इसे अब देख कर अफसोस ही कर सकता था। वह वापस जंगलों की तरफ अकेला ही उड़ गया।

नैतिक सीख: 

अगर हम अपनी शक्ति का उपयोग नहीं करते। तब हमारी शक्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए हमें अपने अभ्यास के जरिए अपनी शक्तियों को बनाए रखना चाहिए।

Hindi moral stories for class 5

Moral of this hindi short Story: 

Moral stories in Hindi for class 9, hindi story with moral for class 9: If we do not use our power. Then our power gradually starts to decrease. Therefore we must maintain our powers through our practice.

Story’s video

आप चाहो तो इस पूरी कहानी का वीडियो भी देख सकते हो।

https://www.youtube.com/watch?v=1QhBLfBU0mA

राजा और उसके चार घोड़े


Story3 (hindi story with moral for class 9)

एक राजा था। जिसके चार घोड़े थे। जो बिल्कुल बिना प्रशिक्षण के थे। इन घोड़ों को कोई भी प्रशिक्षण नहीं कर पाया था।

राजा ने कहा जो भी इन घोड़ों को प्रशिक्षित कर सकेगा। उसको बड़ा इनाम मिलेगा।

 पर जैसे ही कोई घोड़ों को हाथ लगाता था वो उनको खींचकर फेंक देता। इसमें कई सारे लोगों की हडीयाँ भी टूट गई थीं।

एक दिन एक जवान आदमी आया‌ और कहा कि मैं इन घोड़ों को प्रशिक्षित कर सकता हूं।

 पर राजा ने कहा कि बहुत लोगों ने ऐसा करने की कोशिश की है। उन्होंने अपनी हड्डियाँ भी तुड़वा दी है। लेकिन कोई भी अभी तक इन घोड़ों को प्रशिक्षित करने में सफल नहीं हो पाया है।

 उस आदमी ने फिर भी कहाकि मैं इन घोड़ों को फिर भी प्रशिक्षित कर सकता हूं।

पर उसने कहा कि मेरी एक शर्त है। जब तक घोड़े प्रशिक्षित नहीं हो जाते तब तक घोड़े मेरे पास रहेगे।

राजा ने उनकी बात मान ली।

Motivational speech for youth by Ritika Singh

एक साल बीत गया

हफ्ते निकल गए, महीने निकल गए, और देखते ही देखते एक साल बीत गया। लेकिन वह आदमी वापस नहीं आया।

राजा ने कहा कि इन घोड़ों को अब भूल जाओ। क्योंकि वो कभी वापस नहीं आएँगे। घोड़े अब तक उसको छोड़ कर चले गए होगें।

लेकिन कुछ देर बाद घोड़ों की आवाज़ सुनाई दी। उसके चार घोड़े शांति से एक ही लाइन में उस आदमी के साथ चल रहे थे।

राजा अपने घोड़ों को प्रशिक्षित देखकर बहुत खुश हुए। उसने उस आदमी से पूछा कि तुमने इनको कैसे प्रशिक्षित किया?

उसने कहा कि घोड़े सच में जंगली थे। जब घोड़ों को में ले गया तब मैंने उन्हें पूरी तरह छोड़ दिया। जिससे वह जो करना चाहे वह कर सके।

वह जो भी करते मैं वह करने लगा। जब वह भागते तो मैं भी उनके साथ भागता। जब वह सोते थे तब मैं भी उनके साथ सोता था। जब वह खाना खाते थे तब मैं भी उनके साथ खाना खाता था‌।

तब घोड़े सोचने लगे कि मैं भी उनके साथ एक पांचवां घोड़ा हूं। मैंने उसके बाद घोड़ों की पीठ पर ‌सीट रखी।

घोड़ों को वह पसंद नहीं आया। इसलिए उन्होंने सीट को खींचकर निकाल दी।

लेकिन लगातार कोशिश करने के बाद धीरे-धीरे उनको सीट की आदत पड़ गई। बाद में मैंने उसको बेल्ट पहनाया। उन्होंने खींच के उसे भी निकाल दिया।

लेकिन कुछ दिनों के बाद उनको बेल्ट की भी आदत हो गई।

इस तरह मै उनका दोस्त बन गया।

दूसरी लोगों की गलती यह थी कि वह बिना घोड़े से दोस्ती करे घोड़ों को काबू में करने की कोशिश कर रहे थे।

नैतिक सीख: 

इसी कहानी की तरह हमारे अंदर भी चार घोड़े हैं: एक मानस, दो बुद्धि, तीन चिंता, और चौथा अहंकार।

जब हमें इनमें से किसी घोड़े को काबू में करना है तो तब हम उसी वक्त उनको काबू करना चाहते हैं। जिसका मतलब है हम एक ही मिनिट में खुद को मास्टर बनाना चाहते हैं।

इसलिए हमें अपने मन से पहले दोस्ती करनी पड़ेगी और उसके बाद ही हम हमारे चारो घोड़ों को वश में कर पाएंगे।

Moral of this hindi short Story: 

Moral stories in Hindi for class 9, hindi story with moral for class 9: Like this story, we also have four horses: one psyche, two intelligence, three worries, and the fourth ego.

When we have to control any of these horses, then we want to control them at the same time. Which means we want to master ourselves in a single minute.

Therefore, we will have to befriend our mind first and only then we will be able to tame our four horses.

Story’s video

आप चाहो तो इस पूरी कहानी का वीडियो भी देख सकते हो।

https://www.youtube.com/watch?v=E2bd4nGS3Qg&list=WL&index=8&t=0s

सबसे बड़ी विधा (Hindi for class 9)

Story 4

बहुत पुराने समय की बात है। एक गंगा तट पर एक ऋषि का आश्रम था। उनके कई शिष्य थे। जिनको वह दुनिया भर का ज्ञान देते थे। वह उनको गुढ़ विधाओं  की जानकारी देते थे।

 उनके सभी शिष्य में से सबसे अधिक प्रिय चार शिष्य थे।

जब इनकी शिक्षा पूर्ण हुई तब उन्होंने उनके ज्ञान के विषय में जानना चाहा कि तुमने कितना ज्ञान प्राप्त किया है।

ऋषि ने कहा आपको मैंने बहुत सी चीजों सिखाई है पर मैं जानना चाहता हूं कि तुम लोगों मेसे किसने किन विधाओं को सबसे ज्यादा पसंद किया? किस के प्रयोग पर सबसे ज्यादा प्रसन्नता हुई है?

उनका पहला शिष्य बोला की गुरु जी मैंने आपके द्वारा दी गई विधा में सबसे अधिक मंत्र फूंककर आग बुझाने वाली विधा में जोर दिया है। यह मुझे अच्छी तरह याद है। मैं यह विधा को कभी भी प्रयोग कर सकता हूं। बाकी की विधाएँ मुझे खास याद नहीं है।

दूसरा शिष्य बोला पानी में चलने की विधा सीखने और प्रयोग करने में मैंने अधिक जोर दिया है। इस विधा में मै पारंगत हो चुका हूं। आप कभी भी मेरी परीक्षा ले सकते हैं।

 उनका तीसरा शिष्य बोला गुरुजी मैंने तेज आंधी को केवल मंत्र के द्वारा शांत करने की कला अच्छी तरह सीख ली है। मैं इसमें किसी को भी मात दे सकता हूं।

चौथे शिष्य ने कहा गुरु जी मेरी इन चीजों में रुचि‌ नहीं रही। मैं तो सिर्फ मन को वश में करने की कला ही सीख पाया हूं। मैंने इसी पर अतिरिक्त मेहनत की है।

 मुझे लगता है कि हम मन को वश में करके ही जीवन सफलतापूर्वक जी सकते हैं।

चौथे शिष्य की बात सुनकर ऋषि बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा वास्तव में तुमने सभी शिक्षाओं के जड़ को सीख लिया है।

Motivational speech by Ravi Dubey

नैतिक सीख: 

किसी भी विधा में दक्षता हासिल करने के लिए मन की गति को वश में करना आवश्यक है। जिसने मन की गति पर अधिकार कर लिया वे सभी तरह के लोभ को जीत लेगा। जो सुखी जीवन के लिए जरूरी है।

Moral of this hindi short Story: 

Moral stories in Hindi for class 9, hindi short story with moral for class 9: To achieve proficiency in any genre, it is necessary to tame the speed of the mind. He who has captured the speed of the mind will win all kinds of greed. Which is necessary for a happy life.

Story’s video

आप चाहो तो इस पूरी कहानी का वीडियो भी देख सकते हो।

https://www.youtube.com/watch?v=Shd7uKFFy8k

खुली सोच


Story 5

एक शहर में बहुत अमीर इंसान रहता था। उसके पास बहुत सारा पैसा था। उसे उस बात का थोड़ा अभिमान भी था।

एक बार किसी कारण से उसकी आंखों में इन्फेक्शन हो गया। इन्फेक्शन की वजह से उसकी आंखों में बुरी तरह जलन होने लगी।

 वह डॉक्टर के पास गया। पर डॉक्टर उसकी बीमारी को समझ नहीं पाया।

उसके पास क्योंकि बहुत सारा पैसा था इसलिए वह दूसरे देश मे जाकर वहां के बहुत बड़े डॉक्टर के पास उसकी आंखों के इलाज के लिए गया।

वहां के बड़े डॉक्टर ने बताया कि आपके आंखों में एक ऐसी एलर्जी है जिससे आप हरे रंग के अलावा कोई भी रंग नहीं देख सकते।

अगर आप इसके अलावा कोई ओर रंग देखोगे तब आपकी आंखों में बुरी तरह जलन होगी और आपकी आँखें खराब होती जाएगी। इसीलिए आपको सिर्फ हरे रंग की चीजें ही देखनी  होंगी।

उसके बाद क्या हुआ कि क्योंकि उसके पास बहुत ज्यादा पैसा था। इसीलिए उन्होंने बहुत सारे पेन्टर्स को बुलाया।

उसने उनसे कहा यह सारी जगह है जहां में जाता हूं। वह सारी जगह हरे रंग की कर दो। जितनी दिवारे आपको दिखाई दे रही है।

जो भी चीज आपको दिख रही है वह सारी चीजें हरी रंग की कर दो। जहां से मै गुजरता हूं वहां हरे रंग के सिवा कोई ओर रंग की चीजे दीखनी नहीं चाहिए।

इस काम में ढेर सारा पैसा बबॉद कर दिया

उस इंसान ने इस काम में ढेर सारा पैसा बबॉद कर दिया।

 पर उसमें होता यह था कि कोई ना कोई चीज रह जाती थी जो हरे रंग की नहीं होती थी। जैसे कि आसमान है तो वह नीला रंग का होता है।

वह जो रोटी खाता था। वह हरे रंग की नहीं हो सकती थी। उसका शरीर हरे रंग का नहीं हो सकता था। इस तरह कई सारी चीजें ऐसी थी। जो कभी हरे रंग की नहीं हो सकती थी।

 हर दिन पेन्टर्स अलग अलग चीजों को हरे रंग की करते थे। तो उसका बहुत सारा पैसा खर्च हो रहा था।

एक दिन वहां से 

एक दिन वहां से एक बुद्धिमान व्यक्ति गुजर रहा था। जिसकी सोच खुली हुई है खुली हुई थी।

उसने देखा कि चारों तरफ चीजें हरे रंग की की हुई है। उसका कारण पूछा कि यह सारी चीजें हरे रंग की क्यों की गई है?

 तो लोगों ने जवाब दिया कि यहां एक इंसान रहता है‌‌। वह बहुत ज्यादा अमीर है। जिसके पास बहुत ज्यादा पैसा है और जिसकी यहां ज्यादा चलती है।

लेकिन उसकी आंखों में एक ऐसी एलर्जी हो गई है। जिसकी वजह से वह हरे रंग के अलावा कोई ओर रंग देखेगा तो उसकी आंखें ओर ज्यादा खराब हो जाएगी। जिसका हल निकालने के लिए उसने शहर की सारी चीजें हरे रंग की कर दी है।

 तो उस इंसान ने सोचा कोई ओर तरीका भी हो सकता था।

वह अमीर इंसान के पास गया और उसने उससे कहा की आपने यह सारी चीजें हरे रंग की क्यों की है ? जबकि इसका कोई ओर भी हल है।

तो वह अमीर इंसान बोला की इसके अलावा ओर क्या हल हो सकता है?

तो उस बुद्धिमान व्यक्ति ने कहा उसका हल बहुत ही आसान है ओर सस्ता भी है!

तो अमीर इंसान बोला बताओ ऐसा क्या समाधान है?

तो वह बोला कि न जाने कितने‌ पैसे बिगाड़ रहे हो। आप चाहे तो अभी इसी वक्त इसका समाधान कर सकते हो और वह भी बिना कोई ज्यादा खर्च कीए।

 वह बुद्धिमान इंसान बोला आप हरे रंग का चश्मा पहनो। जो कि कुछ ही रुपए का आ जाएगा। जिससे आपको कोई भी चीज हरे रंग की करने की जरूरत नहीं रहेगी।

उस अमीर इंसान की आँखें यह सुनकर खुली की खुली रह गई।

नैतिक सीख: 

कई बार हल बहुत ही आसान होता है। पर हम अपनी हड़बड़ाहट में उसे देख नहीं पाते। इसीलिए हमें सिर्फ शांति से बैठ कर समस्या के हलके बारे में सोचना चाहिए।

Moral of this hindi short Story: 

Moral stories in Hindi for class 9: Sometimes the solution is very easy. But we cannot see this in our hurry. That is why we should just sit quietly and think about the solution of the problem.

Story’s video

आप चाहो तो इस पूरी कहानी का वीडियो भी देख सकते हो।

https://www.youtube.com/watch?v=K6HNcraofKQ&t=274s

उदेश्य:

इस पांच कहानी संकलन का मेरा एक ही उद्देश्य है की आज जो विधार्थी है वो इन में से कुछ शीख लेके जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके। हमें अगर आगे बढ़ना है तो हमें सीखते रहना चाहिए। 

आपको जीवन में कुछ अच्छी शीख मिले इसीलिए मेने इस पाँचो कहानी का संकलन किया है। मुझे उम्मीद है की मेरी यह पांच कहानियाँ आपको जरूर पसंद आयी होगी। यह 5 moral stories आपके जीवन में कुछ अच्छा बदलाव लाये यही मेरी कामना है। 


अब आपकी बारी 

  • आपको यह stories पसंद आयी हो तो इसे आपके दोस्तों और परिवारजनो के साथ share की जिए।
  • आपको यह 5 stories कैसी लगी और इनमे से आपको कोनसी story ज्यादा पसंद आयी वो मुझे comment में ज़रूर बताइये। 

यह भी पढ़े:

100+ Best Motivational Quotes for students in Hindi

Moral stories in Hindi for class 8

Moral stories in hindi for class 7

Hindi moral stories for class 5

Motivational speech by Ravi Dubey

Motivational speech for youth by Ritika Singh

9 tips for effective time management

Comments (27)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *